विश्व जूनियर - क्या प्रग्गानंधा जीत सकते थे ?
21/11/2017 -इटली मे चल रही विश्व शतरंज चैंपियनशिप में सातवा राउंड कोई खास बदलाव नहीं लाया और अधिकतर खिलाड़ी सुरक्षित सोच के साथ आगे बढ़ते नजर आए और यूं कहें की एक दूसरे की गलती का इंतजार करते नजर आए । खैर भारत के 12 वर्षीय नन्हें उस्ताद इस प्रतियोगिता से सही मायनों में अब एक अनुभवी खिलाड़ी की सोच में ढलते नजर आ रहे है और वह विश्व जूनियर का खिताब जीते या ना जीते अब उनका सुनहरा भविष्य साफ दिखाई दे रहा है । राउंड 7 के मुक़ाबले में वह पहले खराब स्थिति में थे और बाद में वह बेहतर स्थिति में आ गए पर उन्होने सुरक्षित खेलने का चुनाव किया खैर वह अभी भी 5.5 अंक के साथ भारतीय खिलाड़ियों में सबसे आगे चल रहे है । अरविंद चितांबरम ,मुरली कार्तिकेयन और शार्दूल गागरे भी 5 अंक के साथ उम्मीद कायम रखे हुए है तो बालिका वर्ग में वैशाली और आकांक्षा को अब जीत की दरकार है । पढे यह लेख ..